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थे ही तो म्हारा मायड़ बाप भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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0 1960

थे ही तो म्हारा मायड़ बाप,
जी ओ म्हारा खाटू रा सरदार,
म्हारा बाबा लखदातार,
नैया पड़ी है मजधार,
उतारो पार,
डगमग डगमग डोलती आ,
नैया डुबेली मजधार,
नैया डुबेली मजधार,
आके सम्भालो पतवार,
उतारो पार।।

जीवन घोर अंधेर में जी,
नहीं सूझे कोई पार,
नहीं सूझे कोई पार,
ल्यो म्हने इब तो उबार,
उतारो पार।।

झिरमिर झिरमिर बह रही,
म्हारे आंसुड़ा री धार,
म्हारे आंसुड़ा री धार,
रो रो करे है पुकार,
उतारो पार।।

भर भर आवे म्हारो कालजो,
बाबा थारो ही आधार,
बाबा थारो ही आधार,
कर द्यो कृपा करतार,
उतारो पार।।

थारे चरणा रो म्हारे राखज्यो जी,
थे तो चाकर कृष्ण मुरार,
थे तो चाकर कृष्ण मुरार,
चेतन करे है पुकार,

उतारो पार।।

थे ही तो म्हारा मायड़ बाप,
जी ओ म्हारा खाटू रा सरदार,
म्हारा बाबा लखदातार,
नैया पड़ी है मजधार,
उतारो पार,
डगमग डगमग डोलती आ,
नैया डुबेली मजधार,
नैया डुबेली मजधार,
आके सम्भालो पतवार,
उतारो पार।।

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