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थे तो रिद्धि सिद्धि का सिरताज म्हारे घर आओ जी गणराज राजस्थानी भजन लिरिक्स

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थे तो रिद्धि सिद्धि का सिरताज,
म्हारे घर आओ जी गणराज,
आओ जी गणराज म्हारे घर,
आओ जी गणराज,
थे तो रिद्धि सिद्धि का सरताज,
म्हारे घर आओ जी गणराज।।

थाने सिमरा सारा पहली,
मने बता ज्ञानी की गली,
नहीं माने बुद्धि को अंदाज,
म्हारे घर आओ जी गणराज,
थे तो रिद्धि सिद्धि का सरताज,
म्हारे घर आओ जी गणराज।।

गढ़ रणतभंवर का राजा,
मेरी नैया पार लगा जा,
बचा समंदर में डूबी नाव,
म्हारे घर आओ जी गणराज,
थे तो रिद्धि सिद्धि का सरताज,
म्हारे घर आओ जी गणराज।।

थारो थाणो रंणत भवन में,
ओजी डूंगरी जयपुर में,
था को सबसे न्यारो मिजाज,
म्हारे घर आओ जी गणराज,
थे तो रिद्धि सिद्धि का सरताज,
म्हारे घर आओ जी गणराज।।

जब घूम जाए थारो घोटो,
पाछे कई बात को टोटो,
महारा सकल सुधारों काज,
म्हारे घर आओ जी गणराज,
थे तो रिद्धि सिद्धि का सरताज,
म्हारे घर आओ जी गणराज।।

थे तो रिद्धि सिद्धि का सिरताज,
म्हारे घर आओ जी गणराज,
आओ जी गणराज म्हारे घर,
आओ जी गणराज,
थे तो रिद्धि सिद्धि का सरताज,
म्हारे घर आओ जी गणराज।।

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