था बिन म्हारी आंख्या हो गई बावली भजन श्याम जी भजन लिरिक्स

था बिन म्हारी
आंख्या हो गई बावली
ई टाबर के मन में बस गई
सूरत थारी सांवली
ई टाबर के मन में बस गई
सूरत थारी सांवली।।

फिल्मी तर्ज भजन : थाली भरके लाई।

मनड़ो म्हारो सुनो डोले
डगमग झोला खावे है
आंखड़ल्या विरहा की मारी
आंसुड़ा टपकावे है
कईया चलसी
थां बिन म्हारी गाड़ली
ई टाबर के मन में बस गई
सूरत थारी सांवली।।

मीरा पर किरपा किनी है
सुन कर आया बातड़ली
दास थारो यो आस लगाया
खड़यो जोवे है बाटड़ली
प्रेम जाम से
भरद्यो म्हारी बाटली

ई टाबर के मन में बस गई
सूरत थारी सांवली।।

पहल्या प्रीत लगाई के
क्यों छोड़े मजधार जी
प्रेम भाव को पाठ पढ़ाकर
मत बिसरे दिलदार जी
मन में रम गई
सूरत थारी सांवली
ई टाबर के मन में बस गई
सूरत थारी सांवली।।

था बिन म्हारी
आंख्या हो गई बावली
ई टाबर के मन में बस गई
सूरत थारी सांवली
ई टाबर के मन में बस गई
सूरत थारी सांवली।।

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