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थासु विनती करा हाँ बारंबार भजन राजस्थानी भजन लिरिक्स

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थासु विनती करा हाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो।।

था बिन नाथ अनाथ की जी,
कुण राखेलो टेक,
म्हासा थाके मोकला जी,
म्हासा थाके मोकला जी,
थासा तो म्हारे थे ही एक,
खाटू का राजा मेहर करो,
थासु विनती करा हा बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो।।

जाणु हूँ दरबार में थारे,
घणी लगी है भीड़,
थारे बिन किस विध मिटेगी,
थारे बिन किस विध मिटेगी,
भोले भगत की या पीर,
खाटू का राजा मेहर करो,
थासु विनती करा हा बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो।।

ज्यूँ ज्यूँ बीते टेम हिये को,
छुट्यो जावे धीर,
उझलो आवे कालजो जी,
उझलो आवे कालजो जी,
नैणा सू टप टपके नीर,
खाटू का राजा मेहर करो,
थासु विनती करा हा बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो।।

साथी म्हारे जिव का थे,
थासे छानी ना,
जान बूझ के मत तरसाओ,
जान बूझ के मत तरसाओ,
हिवड़े से लेवो लिपटाए,
खाटू का राजा मेहर करो,
थासु विनती करा हा बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो।।

ध्रुपद सुता की लज्जा राखी,
गज को काट्यो फंद,
सुणकर टेर देर मत किजो,
सुणकर टेर देर मत किजो,
श्याम बिहारी ब्रजचंद,
खाटू का राजा मेहर करो,
थासु विनती करा हा बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो।।

थासु विनती करा हाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो।।

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