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थारी महिमा अपरंपार बाला आया तेरे द्वार भजन राजस्थानी भजन लिरिक्स

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थारी महिमा अपरंपार,
बाला आया तेरे द्वार,
मेरी बिगड़ी बात बण्या द्यो,
म्हारा बालाजी,
प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

तुमसे क्या बतलाऊँ बाला,
सबका तू रखवाला,
राम का बाला भक्त बड़ा है,
अंजनी माँ का लाला,
अंजनी माँ का लाला,
म्हारी खाली झोली भर द्यो,
म्हारा बालाजी,
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

दूर दूर स्यु आवे यातरी,
तेरे भोग लगावे,
थारी कृपा सु व्हे तो,
मन इक्छा फल पावे,
मन इक्छा फल पावे,
म्हारी खाली झोली भर द्यो,
म्हारा बालाजी,
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

सीता की सूद ल्याणे खातिर,
लंका में थे आया,
संजीवन बूटी लाकर,
लखन का प्राण बचाया,
लखन का प्राण बचाया,
म्हारी भी आके अर्जी सुणलो,
म्हारा बालाजी,
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

बिच भंवर में नाव मेरी,
खा रही है झकोले,
आकर लाज बचा ले रे बाला,
मन मेरा डगमग डोले,
म्हारी भी नैया पार लगा दो,
म्हारा बालाजी,
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

थारी महिमा अपरंपार,
बाला आया तेरे द्वार,
मेरी बिगड़ी बात बण्या द्यो,
म्हारा बालाजी,
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

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