Skip to content

तेरे दर का हूँ भिखारी तू मेरा दाता है भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

  • by
0 2066

तेरे दर का हूँ भिखारी,
तू मेरा दाता है,
तू ही मालिक,
तू देवता तू ही विधाता है,
तेरे दर का हूं भिखारी,
तू मेरा दाता है।।

तेरी तस्वीर ना देखूं तो,
दिन गुज़रता नहीं,
तेरे प्रेमी के अलावा,
दिल कहीं लगता नहीं,
तू ही रास्ता तू ही मंज़िल,
तू ही ठिकाना है,
तेरे दर का हूं भिखारी,
तू मेरा दाता है।।

झूठी दुनिया ने जब भी,
मुझको ज़हर पिलाया है,
जाने अनजाने में बाबा,
तुझसे मिलाया है,
तू चलाता तू गिराता,
तू ही उठाता है,
तेरे दर का हूं भिखारी,
तू मेरा दाता है।।

हो मेरे मन दिल की धड़कन,
तू बस हमारा है,
तेरे बिना अब ना मोंटू,
मेरा गुज़ारा है,
करूँ सेवा जो मैं ठाकुर,
तू ही कराता है,
तेरे दर का हूं भिखारी,
तू मेरा दाता है।।

तेरे दर का हूँ भिखारी,
तू मेरा दाता है,
तू ही मालिक,
तू देवता तू ही विधाता है,
तेरे दर का हूं भिखारी,
तू मेरा दाता है।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.