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तेरी बांकी अदा का क्या कहना भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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तेरी बांकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

दीवाने जो है मस्ताने हुए,
उनके दिल में अफ़साने हुए,
जो भी देखा निगाहों से झांक के,
उस दिल का निगेहबान हो गया,
तेरी बाँकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

जो दिल को अमानत रखता है,
वो कुछ ना शिकायत करता है,
नहीं देता जमानत कोई भी,
ये जग उसका बैरी हो गया,
तेरी बाँकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

जिसको ये मिले उसे जग ना मिले,
मस्ती का आलम दोनों में,
जिसने पाया वो ही जाने,
वो पहले था क्या अब हो गया,
तेरी बाँकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

चाहत का नज़ारा देखो तो,
रिमझिम रिमझिन नैना बरसे,
घनश्याम की बदरी बरस रही,
ये दिल बरसाना हो गया,
तेरी बाँकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

इतिहास उठाकर देखो तो,
हर पन्ना भीगा आंसू से,
आदत है सताने की इनको,
जो इनका दीवाना हो गया,
तेरी बाँकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

जरा सोच समझ आगे बढ़ना,
हर कदम पे आग का दरिया है,
ये खेल शम्मा परवाने का,
जो भी खेला वो इनका हो गया,
तेरी बाँकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

उम्दा इनकी आजमाईश है,
यहाँ चलती नहीं फरमाइश है,
है मिला दाखिला उसको ही,
जो इनके मुताबिक हो गया,

तेरी बाँकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

तेरी बांकी अदा का क्या कहना,
जो भी देखा दीवाना हो गया।।

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