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तेरी पूजा मे मन लीन रहे मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा

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राम भजन तेरी पूजा मे मन लीन रहे मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा

तेरी पूजा मे मन लीन रहे,
मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,
मीट जाये जन्मों की तृष्णा,
श्री राम मिले जो प्यार तेरा॥॥

तुझमे खोकर जीना है मुझे,
मै बूँद हूँ तु इक सागर है,
तुझ बिन जीवन का अर्थ है क्या,
मै तारा हूँ तु अम्बर है,
तुने मुझको स्वीकार किया,
क्या कम है ये उपकार तेरा,
तेरी पुजा मे मन लीन रहे,
मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा॥॥

यूँ मुझको तेरा प्यार मिला,
बेजान को जेसे जान मिली,
जिस दिन से तुझको जाना है,
मुझको मेरी पहचान मिली,
देदी तुने चरणों मे जगह,
क्या कम है ये उपकार तेरा,
तेरी पूजा मे मन लीन रहे,
मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा॥॥

तेरी पूजा मे मन लीन रहे,
मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,
मीट जाये जन्मों की तृष्णा,
श्री राम मिले जो प्यार तेरा॥॥

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