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तू ही आधार मेरा दिल से कहता हूं एक शाम है प्यार मेरा

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तू ही आधार मेरा
तू ही आधार मेरा
दिल से कहता हूं
एक शाम है प्यार मेरा।।

फिल्मी तर्ज भजन : ये मर्जी है।

दर तेरे जो आते हैं
दर तेरे जो आते हैं
खाली नहीं जाते
ऐसा दरबार तेरा।।

जहां प्रेम प्यार दिल में
जहां प्रेम प्यार दिल में
तू वही रहता है
एक यही है सार तेरा।।

क्या मुझको भी होगा कभी
क्या मुझको भी होगा कभी
इतनी सी कर दे कृपा
मुझे दे दीदार तेरा।।

एक विनती मेरी तुझसे
एक विनती मेरी तुझसे
आ इस महफिल में
कहे शिवकुमार तेरा।।

ऐसा वर दे मुझको
ऐसा वर दे मुझको
गाता रहे समीर
हरदम गुणगान तेरा।।

तू ही आधार मेरा
तु ही आधार मेरा
दिल से कहता हूं
एक शाम है प्यार मेरा।।

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