तुझे ढूँढू कहाँ मेरे सांवरिया भजन लिरिक्स

तुझे ढूँढू कहाँ मेरे सांवरिया,
मुझे पते ठिकाने दे,
राहों में तेरी बैठी नैना बिछाए,
रज चरण तो पाने दे,
तुझे ढूंढूं कहाँ।।

मैंने गलियों में था कितना ढूंढा,
मुझे कहीं नज़र ना आए,
मुझे कहीं नज़र ना आए,
सारी लता पताएं देखीं,
ना दरस तुम्हारे पाए,
ना दरस तुम्हारे पाए,
ढूंढूे कदम्ब तले,
क्यूँ निष्ठुर बने,
दिल की तपस बुझाने दे,
राहों में तेरी बैठी नैना बिछाए,
रज चरण तो पाने दे,
तुझे ढूंढूं कहाँ।।

काली बदली में था तुमको ढूंढा,
सोचा वहीं छिपे तुम होंगे,
सोचा वहीं छिपे तुम होंगे,
बरसी बदली तो बूंदों में ढूंढा,
शायद वहीं दीपे तुम होंगे,
शायद वहीं दीपे तुम होंगे,
बूँदो की लड़ी,
सारी खाली पड़ी,
भीनी खुशबु तो आने दे,
राहों में तेरी बैठी नैना बिछाए,
रज चरण तो पाने दे,
तुझे ढूंढूं कहाँ।।

नदियों तालों में था तुमको ढूंढा,
उनकी लहरों में बैठे होंगे,
उनकी लहरों में बैठे होंगे,
बंसीवट कालीदेह पे तलाशा,
मेरे ब्रजेश कैसे होंगे,
मेरे ब्रजेश कैसे होंगे,
माखन मिशरी बादाम,
ढूंढे काजू गोदाम,
अपनी झलक तो आने दे,
राहों में तेरी बैठी नैना बिछाए,
रज चरण तो पाने दे,
तुझे ढूंढूं कहाँ।।

छोड़ा राज पाठ तेरे खातिर,
और पति तुम्हे स्वीकारा,
और पति तुम्हे स्वीकारा,
कहे ‘बदनसिंह’ मीरा तो,
रटती है नाम तुम्हारा,
रटती है नाम तुम्हारा,
गाए ‘प्रियंका’,
दूर करो शंका,
झाँकी दिल में बिठाने दे,
राहों में तेरी बैठी नैना बिछाए,
रज चरण तो पाने दे,
तुझे ढूंढूं कहाँ।।

तुझे ढूँढू कहाँ मेरे सांवरिया,
मुझे पते ठिकाने दे,
राहों में तेरी बैठी नैना बिछाए,
रज चरण तो पाने दे,
तुझे ढूंढूं कहाँ।।

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