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जी करता है दर पे आँंऊ शिव शंकर त्रिपुरारी भजन लिरिक्स

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जी करता है दर पे आँंऊ,
शिव शंकर त्रिपुरारी,
तेरी भक्ति में खो जाँऊ,
मेरे भोले भंडारी।।

जब तू मुझे बुलायेगा,
मैं भांग लेकर आउंगा,
जब तू मुझे बुलायेगा,
मैं भांग लेके आउंगा,
मैं भांग लेके आऊंगा,
मैं तुझको भांग चढाउंगा,
मैं तुझको भोग लगाउंगा,
भांग तुझे है सबसे प्यारी,
शिव शंकर त्रिपुरारि,
तेरी भक्ति में खो जाँऊ,
मेरे भोले भंडारी।।

जब तू मुझे बुलायेगा,
मैं डमरू लेके आउंगा,
जब तू मुझे बुलायेगा,
मैं डमरू लेके आउंगा,
मैं डमरू लेके आऊंगा,
धुन डमरू की सुनाउंगा,
मैं डमरू खूब बजाउंगा,
डमरू की धुन बड़ी ही प्यारी,
शिव शंकर त्रिपुरारि,
तेरी भक्ति में खो जाँऊ,
मेरे भोले भंडारी।।

जब तू मुझे बुलायेगा,
तेरी महिमा के गुण गाउंगा,
जब तू मुझे बुलायेगा,
तेरी महिमा के गुण गाउंगा,
तेरी महिमा के गुण गाउंगा,
मैं सबको यही सुनाउंगा,
मैं सबको यही बताउंगा,
तेरी महिमा सबसे भारी,
शिव शंकर त्रिपुरारि,
तेरी भक्ति में खो जाँऊ,
मेरे भोले भंडारी।।

जी करता है दर पे आँंऊ,
शिव शंकर त्रिपुरारी,
तेरी भक्ति में खो जाँऊ,
मेरे भोले भंडारी।।

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