जीवन तो भैया एक रेल है कभी पेसेंजर कभी मैल है भजन लिरिक्स

दुर्गा माँ भजन जीवन तो भैया एक रेल है कभी पेसेंजर कभी मैल है भजन…
तर्ज – साजन मेरा उस पार है।

जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल हैं,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।।

सुख दुख की पटरी पे दौड़ लगाती है,
सुख दुख की पटरी पे दौड़ लगाती है,
मंज़िल तक हमको पहुचाती है,
मंज़िल तक हमको पहुचाती है,
सांसो का इसमे जब तक तेल है,
सांसो का इसमे जब तक तेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल हैं,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।।

अच्छे कर्मो की टिकट कटा लेना,
अच्छे कर्मो की टिकट कटा लेना,
पूछे तो टीटी दिखला देना,
पूछे तो टीटी दिखला देना,
बिना टिकट तो सीधी जैल है,
बिना टिकट तो सीधी जैल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल हैं,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।।

रिश्ते भी बनते और बिगड़ते है,
रिश्ते भी बनते और बिगड़ते है,
यात्री जो चढ़ते और उतरते है,
यात्री जो चढ़ते और उतरते है,
मैय्या के सिग्नल का ये खेल है,
मैय्या के सिग्नल का ये खेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल हैं,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।।

जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पेसेंजर कभी मैल है,
जीवन तो भैया एक रेल हैं,
कभी पेसेंजर कभी मैल है।।

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