जिस सुख की चाहत में तू दर दर को भटकता है भजन श्याम बाबा भजन लिरिक्स

जिस सुख की चाहत में तू
दर दर को भटकता है
वो श्याम के मंदिर में
दिन रात बरसता है
जिस सुख की चाहत में तु
दर दर को भटकता है।।

फिल्मी तर्ज भजन : सिंदूर चढाने से।

अनमोल है हरपल
तेरी जिंदगानी का
कब अंत हो जाए
तेरी कहानी का
जिस पावन गंगाजल से
जीवन ये सुधरता है
वो श्याम के मंदिर में
दिन रात बरसता है
जिस सुख की चाहत में तु
दर दर को भटकता है।।

जैसे भरा पानी
सागर में खारा है
वैसे भरा दुःख से
जीवन हमारा है
जिस अमृत को पिने को
संसार तरसता है
वो श्याम के मंदिर में
दिन रात बरसता है
जिस सुख की चाहत में तु
दर दर को भटकता है।।

ना कर भरोसा तू
सोनू दीवाने पर
तू देख ले जाकर
इसके ठिकाने पर
वो सावन जो धरती की
तक़दीर बदलता है
वो श्याम के मंदिर में
दिन रात बरसता है

जिस सुख की चाहत में तु
दर दर को भटकता है।।

जिस सुख की चाहत में तू
दर दर को भटकता है
वो श्याम के मंदिर में
दिन रात बरसता है
जिस सुख की चाहत में तु
दर दर को भटकता है।।

  1. सुख पायेगा जय श्री श्याम सिमर ले भजन श्याम बाबा भजन लिरिक्स
  2. दर्शन को अखियाँ प्यासी है कब दर्शन होगा श्याम धणी श्याम बाबा भजन लिरिक्स
  3. krishna bhajan lyrics
  4. श्याम क्यूँ रूठ गए खाटूश्याम भजन श्याम बाबा भजन लिरिक्स
  5. इन अंखियो का संवरा नजारा नज़रे जो श्याम से मिली श्याम बाबा भजन लिरिक्स
  6. एक तू ही मेरा श्याम बिहारी की तेरे सिवा और कोई ना श्याम बाबा भजन लिरिक्स

This Post Has 2 Comments

Leave a Reply