Skip to content

जहाँ बरसाना है वही बस जाना है भजन लिरिक्स

0 1060

जहाँ बरसाना है वही बस जाना है,
जाना नही है कही और,
जहा श्री राधा है प्रेम अगाधा है,
वही पे मिलेंगे चितचोर।।

इक इक पोड़ी तेरी, महलन की मैं धोऊंगी,
चवर ढुलाई देना, सारी रैन ना मैं सोऊंगी,
जप जप राधे नाम से, होगी जीवन की भोर,
जहाँ बरसाना है, वही बस जाना है,
जाना नही है कही और,
जहा श्री राधा है, प्रेम अगाधा है,
वही पे मिलेंगे चितचोर।।

प्यारी सी नगरी को तन मन से रोज बुहारूँगी,
थक जाउंगी जब राधे वह बैठ के तुम्हे पुकारूंगी,
दासन की में दास हु, करना किरपा की कोर,
जहाँ बरसाना है वही बस जाना है,
जाना नही है कही और,
जहा श्री राधा है प्रेम अगाधा है,
वही पे मिलेंगे चितचोर।।

खुश होकर राधाजी मोहे चरणन से लिपटायेगी,
चरण कमल की सेवा मुझे सहज में ही मिल जाएगी,
मस्त रहूँगा में नाम में, जग लाख मचाये शोर,
जहाँ बरसाना है वही बस जाना है,
जाना नही है कही और,
जहा श्री राधा है प्रेम अगाधा है,
वही पे मिलेंगे चितचोर।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.