चाहे काली ने पुज ले रे चाहे बाबा ने पुज ले रे

हरियाणवी भजन चाहे काली ने पुज ले रे चाहे बाबा ने पुज ले रे
गायक – नरेंद्र कौशिक जी।

चाहे काली ने पुज ले रे,
चाहे बाबा ने पुज ले रे,
तेरा संकट कटज्यागा,
चोटी आले पुज ले रे।।

एक तुलसी की ले ले माला,
भजन करें त हो उजियाला,
तेरा साटा सटज्यागा,
पित्रां ने पुज ले र,
चाहे काली ने पुज ले र,
चाहे बाबा ने पुज ले र।।

ईष्ट देव तं कोए बड़ा ना,
इन बिन कोए धोरःखड़ा ना,
तेरा सारा दुखड़ा कटज्यागा,
कुछ अगत सुझ ले र,
चाहे काली ने पुज ले र,
चाहे बाबा ने पुज ले र।।

देशी घी की जोत जगाले,
एक छोटा सा थान बणाले,
तन्नै बैरा पटज्यागा,
सुबह रोज उठ ले र,
चाहे काली ने पुज ले र,
चाहे बाबा ने पुज ले र।।

राजपाल की बात मान ले,
अशोक भक्त की ओर ध्यान दे,
तेरा रंग छटज्यागा,
अमृत ने घुट ले र,
चाहे काली ने पुज ले र,
चाहे बाबा ने पुज ले र।।

चाहे काली ने पुज ले रे,
चाहे बाबा ने पुज ले रे,
तेरा संकट कटज्यागा,
चोटी आले पुज ले रे।।

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