चाहूँ न मै प्रभू माल खजाना गुरुदेव भजन लिरिक्स

गुरुदेव भजन चाहूँ न मै प्रभू माल खजाना गुरुदेव भजन लिरिक्स
तर्ज – चाहूँगा मै तुझे साँझ सवेरे।

चाहूँ न मै प्रभू माल खजाना,
बस मुझको इतना बतलाना,
भव कैसे मै तरूँगा,
भव कैसे मै तरूँगा।।

दानी नही ध्यानी नही,
मूरख हूँ मै ज्ञानी नही,
दाता मेरे गुरू सरकार पार,
भव कैसे मै करूँगा,
चाहूँ न मै प्रभू माल खजाना।।

आया न कभी दर पे तेरे,
गठरी लदी सर पे मेरे,
दाता मेरे गुरू सरकार पार,
भव कैसे मै करूँगा,
चाहूँ न मै प्रभू माल खजाना।।

नैया फँसी भँवर मे मेरी,
अर्जी यही चरणो मे मेरी,
दाता मेरे गुरू सरकार पार,
भव कैसे मै करूँगा,
चाहूँ न मै प्रभू माल खजाना।।

चाहूँ न मै प्रभू माल खजाना,
बस मुझको इतना बतलाना,
भव कैसे मै तरूँगा,
भव कैसे मै तरूँगा।।

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