ग्यारस की मैं धोक बाबा खाटू में लगावांगा भजन लिरिक्स

ग्यारस की मैं धोक,
बाबा खाटू में लगावांगा,
थारे चरणा में रम जावांगा
ग्यारस की म्हे धोक।।

बड़े दिनों के बाद,
ये रात आई है,
बाबा मत तरसाओ,
दर्शन के खातिर ही,
अखियां ये रोइ है,
मुखड़ो दिखा जाओ,
बारस ने ओ श्याम,
थारी ज्योत जलावांगा,
थारे चरणा में रम जावांगा,
ग्यारस की म्हे धोक।।

थारे भरोसे ही,
म्हे चल कर आया हां,
बाबा थे ध्यान धरो,
भक्ता ने साँवरिया,
ऐसे ना तड़पाओ,
सर पे हाथ धरो,
थारी कृपा से,
भव पार म्हे जावांग,
थारे चरणा में रम जावांगा,
ग्यारस की म्हे धोक।।

थे सामने म्हारे,
म्हे सामने थारे,
क्यों आँख्या मिचो हो,
अरचू की तो बाबा,
थाने सुननी ही पड़सी,
क्यों कान भिचो हो,
घर में पधारो श्याम,
थारी रात जगावांगा,
थारे चरणा में रम जावांगा,
ग्यारस की म्हे धोक।।

ग्यारस की मैं धोक,
बाबा खाटू में लगावांगा,
थारे चरणा में रम जावांगा
ग्यारस की म्हे धोक।।

Singer – Sukhjeet Singh Toni
तर्ज – कीर्तन की है रात।
एकादशी भजन ग्यारस की मैं धोक बाबा खाटू में लगावांगा भजन लिरिक्स
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