गौरीनाथ से निराला कोई और नहीं भोले नाथ से निराला कोई और नहीं

भोले नाथ से निराला कोई और नहीं,
गौरीनाथ से निराला कोई और नहीं,
ऐसा बिगड़ी बनाने वाला, कोई और नहीं।।

उन का डमरू डम डम बोले,
अगम निगम के भेद खोले,
ऐसा भक्तो का रखवाला कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला कोई और नहीं।।

काया जब जब करवट बदले,
पाप चमकते अगले पिछले,
ऐसा जोत जगाने वाला कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला कोई और नहीं।।

तुमने जग का कष्ट मिटाया,
मुझ को स्वामी क्यों बिसराया,
अब तो मुझे बचाने वाला कोई और नहीं,
भोले नाथ से निराला कोई और नहीं।।

भोले नाथ से निराला कोई और नहीं,
गौरीनाथ से निराला कोई और नहीं,
ऐसा बिगड़ी बनाने वाला, कोई और नहीं।।

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