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गिरते हुए को श्याम धणी क्या अपने गले लगाओगे

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गिरते हुए को श्याम धणी क्या
अपने गले लगाओगे
कोई नहीं जो मुझे थाम ले
क्या तुम हाथ बढ़ाओगे
गिरते हूए को श्याम धणी क्या
अपने गले लगाओगे।।

है खुदगर्जी मेरी बाबा
विपदा पड़ी तब याद किया
बिलख बिलख कर रोया दर पे
तुझसे ही फरियाद किया
खूब रो लिया दास ये तेरा
खूब रो लिया दास ये तेरा
क्या तुम जरा हसाओगे
गिरते हूए को श्याम धणी क्या
अपने गले लगाओगे।।

अपना समझकर कोई नहीं जो
मुझको सहारा दे पाए
आकर मेरी बांह पकड़ ले
साथ हमारा दे पाए
बेगाने है लोग यहाँ पर
बेगाने है लोग यहाँ पर
क्या तुम मुझे अपनाओगे
गिरते हूए को श्याम धणी क्या
अपने गले लगाओगे।।

जीवन डोरी थाम लो मेरी
जैसे चाहे हिलाओ तुम
सुख दुःख माधव हस के सहेगा
जैसा हमें नचाओ तुम
वादा करो बस श्याम ये हमसे
वादा करो बस श्याम ये हमसे
छोड़ नही तुम जाओगे
गिरते हूए को श्याम धणी क्या
अपने गले लगाओगे।।

गिरते हुए को श्याम धणी क्या
अपने गले लगाओगे
कोई नहीं जो मुझे थाम ले
क्या तुम हाथ बढ़ाओगे
गिरते हूए को श्याम धणी क्या
अपने गले लगाओगे।।

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