गा गा के सुनाऊं मस्ती में सुनाऊं चर्चे राम नाम के

राम भजन गा गा के सुनाऊं मस्ती में सुनाऊं चर्चे राम नाम के
गायक – राजेन्द्र प्रसाद सोनी।
तर्ज – अपनी प्रेम कहानियां।

गा गा के सुनाऊं,
मस्ती में सुनाऊं,
झूम झूम के सुनाऊं सबको,
चर्चे राम नाम के,
चर्चे राम नाम के।।

ये दशरथ नंदन है,
इनका करते वंदन हैं,
इनका करते वंदन है,
ये जो दशरथ नंन्दन हैं छबीला,
नैना काले अंग सम्हाले,
तीर कमानिया,
गा गा के सुनाऊँ।।

ये तो धनुषधारी हैं,
ये जग हितकारी हैं,
ये जग हितकारी है,
ये जो धनुषरधारी हैं गठीला,
इसके आगे फीके लागे,
सबकी जवानियाँ,
गा गा के सुनाऊँ।।

सुन्दर अंग अंग है,
इनके जानकी संग हैं,
जानकी संग है इनके,
सुंदर अंग अंग हैं सुरीला,
रंग रंगीला अंग गठीला,
इनकी निशानिया,
गा गा के सुनाऊँ।।

इनने शवरी को तारा,
अहिल्या नारी उद्धारा,
अहिल्या नारी उद्धारा,
इनने शवरी को तारा उद्धारा,
‘राजेन्द्र’ इनकी सारे जग पे,
बड़ी मेहरवनिया,
गा गा के सुनाऊँ।।

गा गा के सुनाऊं,
मस्ती में सुनाऊं,
झूम झूम के सुनाऊं सबको,
चर्चे राम नाम के,
चर्चे राम नाम के।।

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