गाज्यो गाज्यो जेठ आषाढ़ कंवर तेजा रे भजन लिरिक्स

प्रकाश माली भजन गाज्यो गाज्यो जेठ आषाढ़ कंवर तेजा रे भजन लिरिक्स

गाज्यो गाज्यो जेठ आषाढ़,
कंवर तेजा रे,
लगतोड़ा लाग्या रे,
सावण भादवा,
लगतोड़ा लाग्या रे,
सावण भादवा।।

अतरो काईं सुतो गेहरी नींद,
कांवर तेजा रे,
थारा तो साथीड़ा बीजे,
बाजरो,
थारा तो साथीड़ा बीजे,
बाजरो।।

झूठी झूठ मत ने बोलो,
बोलो भावज म्हारी ने,
म्हारा तो साथीड़ा खेले,
गौर में,
म्हारा तो साथीड़ा खेले,
गौर में।।

कठे पड़ी रास पेराणी,
भावज म्हारी रे,
कठे तो पड्या है,
हली हालिया,
कठे तो पड्या है,
हली हालिया।।

खुट्या पड़ी रास पेराणी,
कंवर तेजा रे,
बाड़ा में बंदया रे बैल्या,
जोड़ी का,
बाड़ा में बंदया रे बैल्या,
जोड़ी का।।

गावे गावे थने हरी,
बूढ़क कवर तेजा रे,
कलयुग रे माया ने,
साचा देवता,
कलयुग रे माया ने,
साचा देवता।।

गाज्यो गाज्यो जेठ आषाढ़,
कंवर तेजा रे,
लगतोड़ा लाग्या रे,
सावण भादवा,
लगतोड़ा लाग्या रे,
सावण भादवा।।

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