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खुशबु के बिना चन्दन सूना भजन लिरिक्स

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खुशबु के बिना चन्दन सूना,
उपवन सूना ये बहार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना।।

प्रेम दीवानी बनी सांवरे,
लोक लाज बिसराई,
अंजानी बेगानी कहकर,
जग ने हँसी उड़ाई,
तुम क्या जानो बिरहन की गति,
तुम क्या जानो बिरहन की गति,
क्या होती है दिलदार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना।।

तन मन सूना मधुबन सूना,
नंदगाँव बरसाना,
बेदर्दी से प्रीत लगाकर,
बड़ा बहुत पछताना,
माझी के बिना नैया सूनी,
माझी के बिना नैया सूनी,
गंगा सूनी हरिद्वार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना।।

चूड़ी बिना कलाई सूनी,
चंदा बिना चकोरी,
ऐसे ही तेरे बिन सूनी,
ये वृषभान किशोरी,
माँ बाप बिना बचपन सूना,
माँ बाप बिना बचपन सूना,
नारी सूनी श्रृंगार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना।।

ऐसे निष्ठुर बने कन्हैया,
सौतन के भरमाए,
तीन दीना के वादा करके,
लौट ना वापस आए,
श्रद्धा के बिना भक्ति सूनी,
श्रद्धा के बिना भक्ति सूनी,
ब्रजवासी किशन दातार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना।।

खुशबु के बिना चन्दन सूना,
उपवन सूना ये बहार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना,
मैं सूनी साँवरिया तेरे प्यार बिना।।

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