Skip to content

क्यूँ भटकै मन बावरे क्यूँ तूं रोता है भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

  • by
0 2223

क्यूँ भटकै मन बावरे,
क्यूँ तूं रोता है,
सांवरियै का प्रेमी होकर,
धीरज खोता है,
तू कर विश्वास ऐ प्यारे,
साँवरा साथ है प्यारे,
क्यों भटकै मन बावरे,
क्यूँ तूं रोता है,
सांवरियै का प्रेमी होकर,
धीरज खोता है,
तू कर विश्वास ऐ प्यारे,
साँवरा साथ है प्यारे।।

उगता है गर सुबह का सूरज,
साँझ को वो ढल जाता है,
ये जीवन भी उसी तरह है,
सुख दुख आता जाता है,
बल माँगो प्रभु से जीने का,
सुख दुख के आंसू पीने का,
सुख में हँसता दुख में क्यूँ तू,
नैन भिगोता है,
सांवरियै का प्रेमी होकर,
धीरज खोता है,
तू कर विश्वास ऐ प्यारे,
साँवरा साथ है प्यारे।।

राम ने भी दुख काटे थे,
चौदह वर्ष वनवास में,
सांवरियै ने जन्म लिया,
देखो कारावास में,
ये कहे कन्हैया कर्म करो,
बिन फल की इच्छा कर्म करो,
कर्म हमारा अच्छा कुल के,
पाप को धोता है,
सांवरियै का प्रेमी होकर,
धीरज खोता है,
तू कर विश्वास ऐ प्यारे,
साँवरा साथ है प्यारे।।

छोड़ दिखावा चका चोंध तू,
काहे मनवा भरमाये,
ना जाने किस वेश में तेरे,
नारायण घर आ जाये,
दुख में ना कर तू खुदगर्ज़ी,
सुख दुख रोमी प्रभु की मर्ज़ी,
साँवरिये की रज़ा में क्यूँ ना,
राजी होता है,
सांवरियै का प्रेमी होकर,
धीरज खोता है,
तू कर विश्वास ऐ प्यारे,
साँवरा साथ है प्यारे।।

क्यूँ भटकै मन बावरे,
क्यूँ तूं रोता है,
सांवरियै का प्रेमी होकर,
धीरज खोता है,
तू कर विश्वास ऐ प्यारे,
साँवरा साथ है प्यारे,
क्यूँ भटकै मन बावरे,
क्यूँ तूं रोता है,
सांवरियै का प्रेमी होकर,
धीरज खोता है,
तू कर विश्वास ऐ प्यारे,
साँवरा साथ है प्यारे।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.