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कान्हा थारे वास्ते मोहन थारे वास्ते भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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0 1887

कान्हा थारे वास्ते,
मोहन थारे वास्ते।

जन्मा री प्रीत प्यासी,
म्हारी थारे वास्ते,
कान्हा थारे वास्ते,
मोहन थारे वास्ते,
थे हो म्हारा ठाकुर जी,
म्हे चाकर थारे वास्ते,
कान्हा थारे वास्ते,
मोहन थारे वास्ते।।

माखन मिश्री को भोग बन्यो,
जल जमुना लोटे में है भरयो,
एजी थाल सजायौ म्हे तो,
चन्दन चौकी पर धरयो,
करा मनवार थारी,
जीमो म्हारा बनवारी,
आओ म्हारे वास्ते,
आओ म्हारे वास्ते।।

हे बांके बिहारी अर्ज करू,
जद भी थारो म्हे ध्यान धरु,
थारो ही दरस करू म्हे,
जद आंख्या बंद करू,
नटवर गिरधर थे हो नंदकिशोरा,
नटवर गिरधर थे हो नंदकिशोरा,
आओ म्हारे वास्ते,
आओ म्हारे वास्ते।।

हे देवकीनंदन कंसनिकन्दन,
अर्जुन सारथी कालिया मर्दन,
बृजनंदन धन धन थे हो,
गुण गावे जल थल कण कण,
बगल में श्यामल गैया मुकुट पे मोरा,
बगल में श्यामल गैया मुकुट पे मोरा,
आओ म्हारे वास्ते,
आओ म्हारे वास्ते।।

जन्मा री प्रीत प्यासी,
म्हारी थारे वास्ते,
कान्हा थारे वास्ते,
मोहन थारे वास्ते,
थे हो म्हारा ठाकुर जी,
म्हे चाकर थारे वास्ते,
काँन्हा थारे वास्ते,
मोहन थारे वास्ते।।

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