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कश्ती का किनारा है हारे का सहारा है भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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हारे का सहारा है,
कश्ती का किनारा है,
मेरे श्याम तुम बिन नहीं,
जीवन का गुज़ारा है,
हारे का सहारा है,
कश्ती का किनारा हैं।।

अपनों ने ठुकराया,
कोई ना नजर आया,
अश्को की सुनी फरियाद,
तू दौड़ा है आया,
मेरी किस्मत का श्यामा,
चमकाए सितारा है,
मेरे श्याम तुम बिन नहीं,
जीवन का गुज़ारा है,
हारे का सहारा है,
कश्ती का किनारा हैं।।

खुशियों की माला के,
बिखरे मोती सारे,
चुन कर हर इक मोती,
बाबा ने ही संवारे,
रहमत का चारो ओर,
अब दिखता नज़ारा है,
मेरे श्याम तुम बिन नहीं,
जीवन का गुज़ारा है,
हारे का सहारा है,
कश्ती का किनारा हैं।।

मौजो की ना थी तरंग,
जीने की ना थी उमंग,
सतरंगी दुनिया में,
ये जीवन था बेरंग,
कीर्ति को पग-पग पे,
तूने ही संभाला है,
मेरे श्याम तुम बिन नहीं,
जीवन का गुज़ारा है,
हारे का सहारा है,
कश्ती का किनारा हैं।।

हारे का सहारा है,
कश्ती का किनारा है,
मेरे श्याम तुम बिन नहीं,
जीवन का गुज़ारा है,
हारे का सहारा है,
कश्ती का किनारा हैं।।

1 thought on “कश्ती का किनारा है हारे का सहारा है भजन कृष्ण भजन लिरिक्स”

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