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कर्मा का लिखिया आंकड़ा भजन लिरिक्स

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।। दोहा ।।
कबीर खड़ा बाजार में , सबकी मांगे खेर। 
ना किसी से दोस्ती ना किसी से बेर।

कर्मा रा लिखिया आंकड़ा ,
जाने कोई मिटा नहीं पावे।
कोई मिटा नहीं पावे मारा बीरा ,
मारा कोई बदल नहीं पावे।

राजा रावण करी तपस्या ,
सोने की लंका पावे।
भक्त विभीषण माला फेरी ,
राम चरण मिल जावे।
कुम्भकरण इंद्राशन मांगे ,
जाने निंद्रा संग मिल जावे।
कर्मा रा लिखिया आंकड़ा ,
जाने कोई मिटा नहीं पावे। २

राजा विक्रम सेठ हवेली में ,
अन्न जल भोग लगावे।
फुटो किस्मत देख देख ने ,
मोर हार निगळाावे।
फूटा करम फ़क़ीर का वो ,
जाके भरी जिलम ढुल जावे।
कर्मा रा लिखिया आंकड़ा ,
जाने कोई मिटा नहीं पावे। २

राजा बलि तो हेम हला में ,
ननयानु यग करावे।
सोवो यग करे बलिराजा ,
स्वर्ग पहुचनो चावे।
स्वर्ग हाथ में ले आयो वारे ,
सीधो पाताला में पुगावे।
कर्मा रा लिखिया आंकड़ा ,
जाने कोई मिटा नहीं पावे। २

अरे गाडो खींच ने लावे बलदियो ,
सुखो चारो खावे।
अरे मातो मांड ने मेले हीरो ने ,
तोई वो जस नहीं पावे।
अरे ठान बन्दियोड़ी घोड़ी देखो ,
जाने रेचको लाय खिलावे।
कर्मा रा लिखिया आंकड़ा ,
जाने कोई मिटा नहीं पावे। २

अरे रोडिया मई ने सुता पण ,
महेला रा सपना आवे।
अरे लिख्यो तेल तक़दीर में ,
तो घिरत कठा सु पावे।
अरे होनो होय वो होय उकारा ,
अपनों मन समजावे।
कर्मा रा लिखिया आंकड़ा ,
जाने कोई मिटा नहीं पावे। २

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hemnath yogi ke bhajan

भजन :- कर्मा रा लिखिया आंकड़ा
गायक :- हेमनाथ योगी

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