Skip to content

कईया रूस्या हो कन्हैया मुख से बोलो जी कृष्ण भजन लिरिक्स

  • by
0 1126

कईया रूस्या हो कन्हैया,
मुख से बोलो जी,
म्हे खड्या थाने निहारा,
आंख्या खोलो जी,
कईया रूस्यां हो कन्हैया।।

भूल म्हासे के हुई है,
यो बता द्यो म्हाने,
गर कमी कोई हुई तो,
द्यो सजा द्यो म्हाने,
करणी म्हारी ताकड़ी में,
मत ना तोलो जी,
म्हे खड्या थाने निहारा,
आंख्या खोलो जी,
कईया रूस्यां हो कन्हैया।।

इतनी दोरी क्यों परीक्षा,
ले रह्या हो म्हारी,
हार्यो मन हारी या धड़कन,
साँस भी इब हारी,
हारया का थे हो सहारा,
जग यो बोले जी,
म्हे खड्या थाने निहारा,
आंख्या खोलो जी,
कईया रूस्यां हो कन्हैया।।

म्हे तो जोवा बाट थारी,
थे कदे ना आओ,
बापड़ी आंख्या ने म्हारी,
इतनो क्यों तरसाओ,
सुख ग्या आंख्या रा आंसू,
इब तो बोलो जी,
म्हे खड्या थाने निहारा,
आंख्या खोलो जी,
कईया रूस्यां हो कन्हैया।।

आस थासु म्हे लगाई,
जग से बंधन तोड्यो,
थारे रहता हार रह्यो मैं,
अब सेहन ना होरयो,
प्रीत ‘गोलू’ की मुरारी,
मत टटोलो जी,

म्हे खड्या थाने निहारा,
आंख्या खोलो जी,
कईया रूस्यां हो कन्हैया।।

कईया रूस्या हो कन्हैया,
मुख से बोलो जी,
म्हे खड्या थाने निहारा,
आंख्या खोलो जी,
कईया रूस्यां हो कन्हैया।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.