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कइयाँ सरसी श्याम थारी नाराजी ना भावे जी कृष्ण भजन लिरिक्स

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कइयाँ सरसी श्याम,
थारी नाराजी ना भावे जी।

दोहा – रिस करो क्यों टाबरा से,
म्हारा श्याम धणी सरकार,
राजी राजी रिझो बाबा,
म्हारी सुन लो करुण पुकार।

कइयाँ सरसी श्याम,
थारी नाराजी ना भावे जी,
म्हारो कालजो दुख पावे जी,
कइयां सरसी श्याम,
थारी नाराजी ना भावे जी।।

चुपचाप क्यूँ बैठ्या,
कुछ बोलो तो बाबा,
टाबरिया रोवे है,
आंसुड़ा ढलक रया,
थारा सेवकिया इब तो,
प्रभु धीरज खोवे है,
बाबा थारी ही,
बाबा थारी ही,
म्हाने ओल्यू पल पल आवे जी,
म्हारो कालजो दुख पावे जी,
कइयां सरसी श्याम,
थारी नाराजी ना भावे जी।।

कमजोर दिल म्हारो,
घायल है बेचारो,
आँसू के छानी है,
म्हे गलती पर गलती,
करता रवां बाबा,
या म्हारी नादानी है,
थारी नाराजी,
थारी नाराजी,
म्हाने भोत ही सतावे जी,
म्हारो कालजो दुख पावे जी,
कइयां सरसी श्याम,
थारी नाराजी ना भावे जी।।

राजी रहोला थे,
तो बिगड़ी बन जावे,
दया थोड़ी दिखला द्यो,
‘चोखानी’ संग बैठ्या,
म्हे अरज गुजारा जी,
म्हाने थे अपना ल्यो,
‘गौतम’ भजना सु,
‘गौतम’ भजना सु,
थाने आज रिझावे जी,
म्हारो कालजो दुख पावे जी,
कइयां सरसी श्याम,
थारी नाराजी ना भावे जी।।

कइयां सरसी श्याम,
थारी नाराजी ना भावे जी,
म्हारो कालजो दुख पावे जी,
कइयां सरसी श्याम,
थारी नाराजी ना भावे जी।।

1 thought on “कइयाँ सरसी श्याम थारी नाराजी ना भावे जी कृष्ण भजन लिरिक्स”

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