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ओ मेरे बालेपन के यार सुदामा कैसे आए भजन घनश्याम भजन लिरिक्स

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ओ मेरे बालेपन के यार
सुदामा कैसे आए
भाई सुदामा कैसे आए
यार सुदामा कैसे आए
ओ मेरे बालेंपन के यार
सुदामा कैसे आए।।

फिल्मी तर्ज भजन: अनोखी थारी झाँकी।

तन्ने क्यो तकलीफ़ उठाई
तेरे पावा पटी बिवाई
मैं ये पूछूँ बारम्बार
सुदामा कैसे आए
ओ मेरे बालेंपन के यार
सुदामा कैसे आए।।

जब पैर सुदामा के धोए
छालों को देख के रोए
दोनो मिल रहे भुजा पसार
सुदामा कैसे आए
ओ मेरे बालेंपन के यार
सुदामा कैसे आए।।

जब आसन बीच बिठाया
छत्तीसों भोजन लाया
दोनों जीमें करके प्यार
सुदामा कैसे आए
ओ मेरे बालेंपन के यार
सुदामा कैसे आए।।

ओ मेरे बालेपन के यार
सुदामा कैसे आए
भाई सुदामा कैसे आए
यार सुदामा कैसे आए
ओ मेरे बालेंपन के यार
सुदामा कैसे आए।।

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