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ओ कान्हा रे आजा रे कृष्ण भजन कृष्ण भजन लिरिक्स

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श्लोक – श्याम है मेरी आत्मा
श्याम है दिल के चैन
श्याम नहीं जिनमे बसे
सूने है वो नैन।

कान्हा रे आजा रे
ओ कान्हा रे आजा रे
नाम तेरा पुकारूँ
दिल को कैसे सम्भालूं
ढूंढ़ती व्याकुल अँखियाँ
ढूंढ़ती व्याकुल अँखियाँ
राह तेरी निहारूँ
ओ काँन्हा रे आजा रे
ओ कान्हा रे आजा रे।।

आग बनी सावन की वर्षा
फुल बने अंगारे
छोड़ गया निर्मोही मुझको
जियूँ मैं किसके सहारे
गम की दे दी निशानी
प्रीत मेरी ना जानी
तेरे बिन ओ कन्हैया
तेरे बिन ओ कन्हैया
ख़तम मेरी कहानी
ओ काँन्हा रे आजा रे
ओ कान्हा रे आजा रे।।

तारे गिन गिन के सांवरिया
कब तक रात बिताऊं
ओ मेरे दिल के चैन तेरे बिन
चैन कहाँ से पाऊँ
मुरली अब की बजा जा
प्यारे एक बार आजा
उजड़ी मेरे दिल की दुनिया
उजड़ी मेरे दिल की दुनिया
इसे फिर से बसा जा
ओ काँन्हा रे आजा रे
ओ कान्हा रे आजा रे।।

ऐसी खता हुई क्या मुझसे
बन गया तू निर्मोही
सजा मिली किस बात की फिर ये
सोच के आँखे रोइ
मेरे ब्रजराज प्यारे
छुपा तू जा कहाँ रे
अगर कोई मुझसे हो गई
अगर कोई मुझसे हो गई
खता कर दे क्षमा रे
ओ काँन्हा रे आजा रे
ओ कान्हा रे आजा रे।।

ओ काँन्हा रे आजा रे
ओ कान्हा रे आजा रे
नाम तेरा पुकारूँ
दिल को कैसे सम्भालूं
ढूंढ़ती व्याकुल अँखियाँ
ढूंढ़ती व्याकुल अँखियाँ
राह तेरी निहारूँ
ओ काँन्हा रे आजा रे
ओ कान्हा रे आजा रे।।

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