ओढ़ चुनर मैं तो गई रे सतसंग में भजन लिरिक्स

राजस्थानी भजन ओढ़ चुनर मैं तो गई रे सतसंग में भजन लिरिक्स
Singer – Shankar Tak

ओढ़ चुनर मैं तो गई रे सतसंग में,
साँवरियो भिगोई म्हने,
गहरा गहरा रंग में,
साँवरियो भिगोई म्हने,
गहरा गहरा रंग में,
ओढ़ चुनड़ मैं तो गई रे सतसंग में।।

सत री संगत में गुरु जी विराजे,
सत री संगत में गुरु जी विराजे,
कर कर दर्शन होई रे मगन मैं,
कर कर दर्शन होई रे मगन मैं,
ओढ़ चुनड़ मैं तो गई रे सतसंग में।।

सत री संगत में सहेलिया विराजे,
सत री संगत में सहेलिया विराजे,
गाई गाई हरी गुण होई रे मगन मैं,
गाई गाई हरी गुण होई रे मगन मैं,
ओढ़ चुनड़ मैं तो गई रे सतसंग में।।

सत री संगत में ज्योति जगत है,
सत री संगत में ज्योति जगत है,
कर कर दर्शन होई रे मगन मैं,
कर कर दर्शन होई रे मगन मैं,
ओढ़ चुनड़ मैं तो गई रे सतसंग में।।

सत री संगत में साज बजत है,
सत री संगत में साज बजत है,
गाई गाई हरी गुण होई रे मगन मैं,
गाई गाई हरी गुण होई रे मगन मैं,
ओढ़ चुनड़ मैं तो गई रे सतसंग में।।

बाई मीरा गावे प्रभु गिरधर नागर,
बाई मीरा गावे प्रभु गिरधर नागर,
भवजल पार करोनी पल छीन में,
भवजल पार करोनी पल छीन में,
ओढ़ चुनड़ मैं तो गई रे सतसंग में।।

ओढ़ चुनर मैं तो गई रे सतसंग में,
साँवरियो भिगोई म्हने,
गहरा गहरा रंग में,
साँवरियो भिगोई म्हने,
गहरा गहरा रंग में,
ओढ़ चुनड़ मैं तो गई रे सतसंग में।।

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