ऊँचो रे देवल मैया उजलो रे भवानी छावली माता जी की

ऊँचो रे देवल मैया उजलो रे भवानी,

दोहा – देवा में देवी बड़ी,
बड़ी जगदम्बा माय,
रक्षा म्हारी राखज्यो,
मैया करजो म्हारी सहाय।
करजो म्हारी सहाय,
शरण में आया थोरी।
जगदम्बा मन माय,
लाज रख लीजो मोरी।

ऊँचो रे देवल मैया उजलो रे भवानी,
चमक रयो आसमान रे हे हे हे,
सूरज सामी मैया आप रे बिराजो,
मैया आप रे बिराजो,
हो देवी धजा रे फरुखे असमान रे हे हे,
सुरसती सिंवरू शारदा रे देवी,
देवी गणपत लागू थोरे पाय रे हे हे हे।।

कौनसी दिशा में देवी राज भाटी जी रो,
राज भाटी जी रो,
देवी कौनसी धरा में जैसलमेर रे हे हे,
पिछम दिशा में देवी राज भाटी जी रो,
मरुधर जैसलमेर रे हे हे हे।।

कुण्सा मार्गियों जावेला जैसाणे,
कुण्सा मार्गियों जावे धाम रे हे हे हे,
डावोड़ो मार्गियों मैया रे जावेला जैसाणे,
जीवणो हायल माँ रे धाम रे हे हे हे।।

घेरी रे घुमालो देवी रे घाघरो रे मैया,
मैया रे ओढ़ण दिखणी रो चीर रे हे हे हे,
दूरा रे देशा रा मैया आवे रे जातरू,
आवे रे बालूड़ा री माय रे हे हे हे।।

साल तेईसो देवी मास रे भादुडों,
देवी मास भादुड़ों,
हो देवी छावली गाई ओ इंद्रनाथ रे हे हे,
नाथ इंद्र री देवी अर्ज विनती,
हायल मां राखो टाबरिया री लाज रे हे हे।।

ऊंचो रे देवल मैया उजलो रे भवानी,
चमक रयो आसमान रे हे हे हे,
सूरज सामी मैया आप रे बिराजो,
मैया आप रे बिराजो,
हो देवी धजा रे फरुखे असमान रे हे हे,
सुरसती सिंवरू शारदा रे देवी,
देवी गणपत लागू थोरे पाय रे हे हे हे।।

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