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इतनी खातिरी करवावे एको काई लागे भजन राजस्थानी भजन लिरिक्स

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इतनी खातिरी करवावे,
एको काई लागे एको काई लागे,
अईया बैठ्यो जईया,
भक्ता रो जवाई लागे।।

भगत कवे जी इने बनड़ो बनड़ो,
समझण लाग्यो खुद ने बनड़ो,
अईया मुलके जईया हो रही,
सगाई लागे, सगाई लागे,
अईया बैठ्यो जईया,
भक्ता रो जवाई लागे।।

घणी मनुहार करा जद यो आवे,
ब्याह शादी जितनो खर्चो करवावे,
जद यो आवे सारे गाँव ने,
बधाई लागे, बधाई लागे,
अईया बैठ्यो जईया,
भक्ता रो जवाई लागे।।

नैन जो मिलावा म्हासु,
नैन ना मिलावे,
लाड़ जो करा तो म्हासु,
मुखडो छुपावे,
करके हाथ को इशारो,
मुँह दिखाई मांगे,
मुँह दिखाई मांगे,
अईया बैठ्यो जईया,
भक्ता रो जवाई लागे।।

चार दिना को मिलनो जुलनो,
मेला पाछे होवे जद,
बाबा से बिछड़नो,
आ तो बनवारी,
आ तो बनवारी,
बारात की विदाई लागे,
विदाई लागे,
अईया बैठ्यो जईया,
भक्ता रो जवाई लागे।।

इतनी खातिरी करवावे,
एको काई लागे एको काई लागे,
अईया बैठ्यो जईया,
भक्ता रो जवाई लागे।।

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