आया हूँ तेरे द्वार पे मैँ सवाली बनके भजन फिल्मी तर्ज भजन लिरिक्स

आया हूँ तेरे द्वार पे मैँ सवाली बनके।
मेरी झोली को तू भरना ऽऽऽ लखदातार बनके॥
आया हूँ …

मेरे बाबा मेरे दाता मेरे संग मेँ सदा ही रहना।
बदलेगी ये दुनिया पर तुम ना बदलना।
नैया मेरी पार करना खेवनहार बनके॥१॥
मेरी झोली … आया हूँ …

स्वार्थ की है दुनिया मतलब का है जमाना।
तेरे बिना मेरे बाबा अब ना कोई ठिकाना।
मुझे ठुकरा न देना कहीँ अनजान बनके॥२॥
मेरी झोली … आया हूँ …

जिन्दगी है दुखोँ का सागर कहीँ डूब न जाऊँ।
पड़के मोह माया मेँ मैँ जो तुम्हेँ भूल जाऊँ।
याद मुझे दिलाना तुम मेरे नाथ बनके॥३॥
मेरी झोली … आया हूँ …

गाऊँ क्या तेरी महिमा कोई समझ ही न पाया।
‘प्रमोद खेदड़’ भी बाबा शरण तेरी आया।
तुम अपना लेना दया की नजर करके॥४॥
मेरी झोली … आया हूँ …

आया हूँ तेरे द्वार पे मैँ सवाली बनके।
मेरी झोली को तू भरना ऽऽऽ लखदातार बनके॥
आया हूँ …

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