अपनी शरण में लीजिये माँ अंजनी के लाल भजन लिरिक्स

लक्खा जी भजन अपनी शरण में लीजिये माँ अंजनी के लाल भजन लिरिक्स
Singer : Lakkha Ji

अपनी शरण में लीजिये,
माँ अंजनी के लाल,
लाल रे माँ अंजनी के लाल,
माँ अंजनी के लाल।।

संकट मोचन हे बलकारी,
संकट मो पे पड्यो अति भारी,
काम क्रोध मद लोभ अहं घेरयो,
काम क्रोध मद लोभ अहं घेरयो,
सर काल खड्या विकराल,
काल खड्या विकराल,
माँ अंजनी के लाल,
लाल रे माँ अंजनी के लाल,
माँ अंजनी के लाल।।

तेरी दया से दूर भय भागे,
जागे भाग चरण चित लागे,
मुझ निर्बल की जरा सुध ले लो,
मुझ निर्बल की जरा सुध ले लो,
चले आओ पवन की चाल,
आओ पवन की चाल,
माँ अंजनी के लाल,
लाल रे माँ अंजनी के लाल,
माँ अंजनी के लाल।।

राम भगत तुम केसरी नंदन,
नीव नीव तुमरो करूं अभिनन्दन,
बल बुद्धि का दान मोहे दे दो,
बल बुद्धि का दान मोहे दे दो,
कट जाए सकल जंजाल,
जाए सकल जंजाल,
माँ अंजनी के लाल,
लाल रे माँ अंजनी के लाल,
माँ अंजनी के लाल।।

सारे ही काम ‘लख्खा’ के संवारे,
गाए भजन अब मगन हो तुम्हारे,
अरज ‘सरल’ की सुनो बजरंगी,
अरज ‘सरल’ की सुनो बजरंगी,
दीजो दुविधा से बालाजी निकाल,
दुविधा से बालाजी निकाल,
माँ अंजनी के लाल,
लाल रे माँ अंजनी के लाल,
माँ अंजनी के लाल।।

अपनी शरण में लीजिये,
माँ अंजनी के लाल,
लाल रे माँ अंजनी के लाल,
माँ अंजनी के लाल।।

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